Sunday, 3 June 2018

प्रिय विद्यार्थियों और अभिभावक गण,


आपको यह सूचित करते हुए हर्ष होता है कि महाविद्यालय राष्ट्रीय प्रत्यायन मंडल (NBA) के मानकों पर स्वयं को जाँच कर प्रत्यायन (Accreditation) हेतु प्रयासरत है. प्रत्यायन प्रमाणित होने पर संस्थान को राष्ट्रीय व वैश्विक पहचान मिलेगी तथा उच्च अध्ययन हेतु विदेश जाने के अभ्यर्थी विद्यार्थियों को वीसा तथा छात्रवृत्ति प्राप्त करने में सुगमता होगी.

इस हेतु सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा विद्यार्थियों के नियोक्ताओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है. पर सहयोग करने से पूर्व सभी को यह जानना आवश्यक है कि संस्थान का उद्देश्य क्या है व प्रत्यायन के मानक क्या हैं?

संस्थान का उद्देश्यः संस्थान का उद्देश्य संस्थान के ध्येय वाक्य (Vision Statement) में निहित है...

“To develop competent manpower to serve the country” 
"राष्ट्र की सेवा हेतु सुयोग्य जनशक्ति का निर्माण"

इस ध्येय वाक्य का विस्तार, व संस्थान का उद्देश्य हमारे लक्ष्य बिंदुओं (Mission of the Institution) में समाहित है.
  • To be a student-oriented institute for providing innovative and lifelong learning skills.
  • विद्यार्थी‍-उन्मुखी संस्थान के रूप में अभिनव व सतत शिक्षण कौशल हेतु प्रेरणा
  • To develop research aptitude among the student.
  • विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति का विकास
  • To develop leadership qualities to meet needs of the society towards nation‍ building.
  • राष्ट्र निर्माण हेतु समाज की आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों में नेतृत्वगुण विकास.

इस हेतु  संस्थान का प्रयास है कि हर विद्यार्थी में अभियांत्रिकी विद्यार्थियों हेतु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित बारह गुण  (Graduate Attributes or Program Objectives) विकसित हों. महाविद्यालय में पाठ्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया जाता है किअध्ययन अवधि में शैक्षणिक, सह शैक्षणिक व शैक्षणेत्तर गतिविधियों से इन गुणों के विकास में सहायता हो. वृहद् जानकारी सम्बंधित शाखा के विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. 


कृपया हमें समग्र रूप से उद्देश्य पू्र्ति हेतु ध्येय व लक्ष्य प्राप्त करने में सहयोग तथा सुझाव दें. 


भवदीय
महाविद्यालय परिवार

Sunday, 2 July 2017

सुस्वागतं...

आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः
सभी ओर से शुभ विचार हम तक आएँ.

अभियांत्रिकी महाविद्यालय अजमेर, अरावली श्रृंखला की सुरम्य हरितिम उपत्यका में पुष्प की भाँति पल्लवित पुष्पित है. यह संस्थान महर्षि दयानंद की कर्मभूमि, तीर्थराज पुष्कर व विश्वप्रसिद्ध दरगाह के सामीप्य में सामाजिक समरसता के वातावरण में तकनीकी शिक्षा का नवतीर्थ है. संस्थान के उपर्वर्णित ध्येय वाक्य के अनुसार शुभ विचारों का संस्थान में सदा स्वागत है.

संस्थान राजस्थान राज्य सरकार के वित्तपोषित स्वायत्तशासी निकाय से संचालित है, जहाँ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा अधिस्वीकृत, व राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध स्नातक, स्नातकोत्तर व शोध पाठ्यक्रमों का अध्ययन अध्यापन होता है. इसके साथ ही कौशल विकास व स्वावलंबन के लिये लघु अवधि कार्यक्रम भी संचालित होते रहते हैं. संस्थान के अधिकाँश शिक्षक उच्चतम शिक्षित हैं जिन्होंने दक्ष कर्मचारियों के संग मानक प्रयोगशालाओं को सुसज्जित किया है तथा अध्यापन व मार्गदर्शन हेतु निरंतर तत्पर हैं.

तकनीकी शिक्षा ज्ञान, परंपरा व कौशल के संतुलन से ही समृद्ध हो सकती है. सुयोग्य व विद्वान शिक्षकों व कर्मठ तकनीकी प्रशासनिक कर्मियों के मार्गदर्शन में मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा दीक्षा के लिये संस्थान एक आदर्श गुरुकुल है. संस्थान के पूर्व छात्रों को देश विदेश के कई शोध व तकनीकी समूहों ने जााँच परख कर नियुक्तियाँ दी हैं. गर्व का विषय है कि विद्यार्थियों ने अपनी दक्षता से संस्थान की गरिमा में श्रीवृद्धि ही की है. संस्थान में निरंतर अध्यापन, सह शैक्षणिक गतिविधियों तथा व्यक्तित्व विकास की गतिविधियों के कारण संस्थान श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम देता रहा है, जिस कारण संस्थान से दीक्षित विद्यार्थी उत्कृष्ट मानव संसाधन माने जाते हैं.

मैं संस्थान के नामांकित व नवागंतुक विद्यार्थियों से अपेक्षा करता हूँ, कि वे परिसर में उपलब्ध साधनों, संसाधनों का पूर्ण दक्षता से उपयोग कर अपने ज्ञान, कौशल व व्यक्तिगत गुणों के परिमार्जन में जुट जायें. संस्थान के वरिष्ठ सदस्य होने के नाते मैं सभी संस्थान सदस्यों व विद्यार्थियों से संस्थान को गरिमा व प्रसिद्धि के नितनूतन सोपान चढ़ने में दत्तचित्त जुटे रहने का आह्वान करता हूँ.

भवदीय,

रंजन माहेश्वरी
प्राचार्य (कार्यवाहक),
राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, अजमेर (राज.)